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All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार

All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार

हेल्लो दोस्तों, आज इस पोस्ट में हम आपको All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार के बारे में बतायेगे, हमारे देश भारत में कुल 29 राज्य है जिनमे अलग अलग जाति और धर्म के लोग रहते है जो अपने अनुसार अलग अलग त्यौहार भी मानते है जो की बहुत ही खूबसूरत है.

शायद आपको नही पता होगा की कौन से राज्य में किस त्यौहार को सबसे ज्यादा धूम धाम से मनाया जाता है तो इसलिए हम आज आपके लिये लेकर आये है इस आर्टिकल को जिसमे आपको All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार के बारे में बतायेगे.

All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार

1 – आंध्रप्रदेश – ब्रहमोत्सवं (Brahmotsavam)

ब्रहमोत्सवं आंध्रप्रदेश का वर्ष में एक बार मनाया जाने वाला त्यौहार है इस त्यौहार को श्री वेंकटेश्वरन मंदिर में मनाया जाता है जो की तिरुपति आंध्रप्रदेश में पड़ता है. यह त्यौहार 9 दिन तक मनाया जाता है जो की सितम्बर और अक्टूबर के महीने में मनाया जाता है.

इस उत्सव में भगवान वेंकटेश्वर जी की मूर्ति को और साथ में श्रीदेवी और भूदेवी की मूर्ति को लेकर मंदिर के आस पास गलियों में घुमाया जाता है, इस बीच यहाँ पर पूरे हिंदुस्तान सहित विदेशो से भी लोग आकर पूरी श्रद्धा के साथ इस पर्व में शामिल होते है.

2 – अरुणाचल प्रदेश – लोस्सार

तिब्बत का नया साल अरुणाचल प्रदेश में लोस्सार नाम से मनाया जाता है इसे पूरे तीन दिन तक जनवरी के अंतिम सप्ताह ये फिर फ़रवरी में मनाते है, इस पर्व में प्राचीन यादों के साथ बुरे पर अच्छे का संघर्ष करते है और भीड़ में एक दुसरे को मशाल देकर इसे मनाते है. यहाँ पर हिरन का नृत्य, राजा और मंत्रियो के बीच मनोरंजक लड़ाई जैसे कई सारे प्रदर्शन किये जाते है.

3 – असम – बोहाग बिहू

बोहाग बिहू या रंगोली का बसंत पर्व असम में नए वर्ष में मनाया जाता है, जो की असम में नए कृषि चक्र की शुरुआत करता है इस पर्व में कई मेले लगते है लोग एक दुसरे के घर जाकर उपहारों का आदान प्रदान करते है.

असम की परम्परिक कपड़ों में युवा लड़कियां “बिहू गीत” गाती है और यहाँ का परम्परिक “मुकोली नृत्य” भी करती है ये समारोह कई दिनों तक चलते है इस बीच युवा अपने लिये अपनी पसंद का जीवन साथी भी चुनते है.

4 – बिहार – छठ पूजा

छठ पूजा को सूर्य पूजा करने के लिए समर्पित दला पूजा भी कहा जाता है जिसे पारंपरिक रूप से बिहार के लोगों द्वारा मनाया जाता है, छठ अक्टूबर या नवंबर के महीनों में पड़ता है.

छठ एक आनंददायक और रंगीन रूप में मनाया जाता है क्योंकि लोग अपने सबसे अच्छे कपड़े पहनते हैं और नदियों और अन्य जल निकायों द्वारा इकट्ठा होते हैं, ‘छठ मैया’ या “गंगा मैया” के सम्मान में दीपक जलाये जाते हैं और भक्ति लोक गीत गाए जाते हैं, घरों के आंगनों में सूर्यास्त मिट्टी के दीपक या ‘दीया’ जलाए जाते है.

5 – छत्तीसगढ़ – बस्तर दशहरा

बस्तर दशहरा दुनिया में मनाया जाने वाला सबसे लम्बा पर्व है जो कि 75 दिनों तक चलता है यह अगस्त के महीने में शुरू हो जाता है और अक्टूबर के महीने में समाप्त होता है जिसमे विभिन्न जन जातियों के लोग शामिल होते है.

6 – गोवा – कार्निवल

गोवा में मनाया जाने वाला कार्निवल अपने मज़ेदार गीत, संगीत और नृत्य के लिये जाना जाता है यह पूरे तीन दिन तक मनाया जाता है कार्निवल में गोवा में बहुत बड़ी परेड होती है जिसमे शहरों के द्वारा शाम के समय के लिये बैंड बाजे और नृत्य का आयोजन किया जाता है.

और अंतिम दिन पणजी में Clube Nacional द्वारा यहाँ का प्रसिद्द “रेड एंड ब्लैक डांस” का आयोजन होता है और कार्निवल में देश विदेश से हजारों लोग आते है और इस पर्व का लुफ्त उठाते है.

7 – गुजरात – जन्माष्टमी और दिवाली

वैसे तो कृष्णा जन्माष्टमी पूरे भारत में मनाई जाती है पर इसे गुजरात में विशेष रूप से मनाया जाता है इस पर्व पर घर और मंदिरों को खूब सजाया जाता है इस दिन लोग पूरे दिन का उपवास करते है और आधी रात को भगवान् कृष्ण के जन्म समारोह के बाद ही लोग खाना खाते है.

उत्तर प्रदेश के मथुरा में भगवान् कृष्ण को समर्पित कई सारे मंदिर है जहा पर इस दिन धार्मिक कार्यक्रम होते है और भजन गाये जाते है छोटे बच्चो को भगवान् कृष्ण की तरह सजाकर उनके जीवन पर कई सारे कार्यक्रम किये जाते है.

और साथ ही रोशनी का त्यौहार भी गुजरात में बहुत ही उत्दः से मनाया जाता है इस दिन सभी घरों में दीपक जलाये जाते है दिवाली भी कई राज्यों में मनाई जाती है पर गुजरात और मध्य प्रदेश में इसका अलग ही उत्साह है लोगो में मनाने का.

8 – हरियाणा – बैसाखी

बैसाखी के त्यौहार को रबी फसलों की फसल के समय मनाया जाता है और किसान लोग पंजाब और हरियाणा में बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं, “जट्टा आयी बैसाखी” की रोशनी के रूप में आकाश और चमक में बैसाखी का दिन आसमान में बदल जाता है क्योंकि इस पर्व को मनाने के लिए लोग दैनिक पहने हुए कपड़े पहने हुए खेतों की ओर जाते हैं.

परंपरागत लोक नृत्य भांगरा और गिड्डा को ढोल की धड़कन में पुरुषों और महिलाओं द्वारा किया जाता है, इस दिन का जश्न मनाने के लिए रंगीन बैसाखी मेले भी आयोजित किए जाते हैं कुश्ती, गायन और एक्रोबेटिक्स संगीत प्रदर्शन भी इस दिन आयोजित किए जाते हैं.

9 – हिमाचल प्रदेश – महाशिवरात्रि

कहते है महाशिवरात्रि का लुफ्त लेना है तो आप हिमाचल प्रदेश चले आइये क्योकि यहाँ पर एक सप्ताह का लम्बा अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि मेला हर वर्ष भूत नाथ मंदिर (भगवान् शिव का मंदिर) के पास आयोजित किया जाता है इस मेले में देश विदेश के बहुत से पर्यटक शामिल होते है.

इस पर्व पर हर वर्ष शोभा यात्रा भी निकाली जाती है जो और अधिक भाता है, शिवरात्रि के दौरान पूरी रात अध्यात्मिक उर्जा के साथ बदल दी जाती है और भगवान शिव को दूध, दही, मक्खन, शहद और चीनी सहित पांच शुद्ध तत्वों का भोग लगाया जाता है.

10 – जम्मू और कश्मीर – ईद उल फितर और ईद उल अजहा

यदि आपको ईद की असली मस्ती और उत्सव का अनुभव करना है, तो आपको कश्मीर में रहना होगा! ईद-उल-फ़ितर रमजान के उपवास के अंत को चिह्नित करता है, इस दिन, मुसलमान नए कपड़े पहनते हैं और कई भव्य उत्सवों में भाग लेते हैं.

ईद उल अजहा भी महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो कुरबानी (बलिदान) के लिए जाना जाता है, लोग बकरियों, भेड़ों और कुछ ऊंटों का बलिदान देते हैं. इस दिन, मुस्लिम स्वास्थ्य, ताकत और जीवन के अवसरों के लिए अपनी वास्तविक खुशी दिखाते हैं, जिसे अल्लाह ने उन्हें रमजान के धन्य महीने के दौरान उपवास और अन्य अच्छे कर्मों के दायित्व को पूरा करने के लिए दिया है.

11 – झारखण्ड – होली

होली फ़रवरी या मार्च में मनाया जाने वाला वसंत ऋतु का एक त्यौहार है और यह झारखण्ड का महत्वपूर्ण त्यौहार है इस दिन लोग एक दुसरे से रंगों के साथ मिलते है और एक दुसरे के घर में मिठाइयो का अदन प्रदान भो होता है इसे झारखण्ड के अलावा भी कई राज्यों में मनाया जाता है.

12 – कर्नाटक – उगादी

मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में कर्नाटक में उगादी को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है नए उद्यमों की शुरुआत करने के लिये उगादी को सबसे शुभ समय माना जाता है.

यहाँ लोगो का मानना है की भगवान् ब्रम्हा ने उगादी के शुभ दिन पर ब्रम्हाण्ड के निर्माण की शुरुआत की और यह त्यौहार नए हिन्दू चन्द्र कैलेंडर की भी शुरुआत करता है इस पर्व पर लोग फूलो और आम की पत्तियों के साथ अपने घरों को सजाते है और कई प्रकार के व्यंजन बनाकर इस पर्व का लुफ्त उठाते है.

13 – केरल – ओणम

केरल का सबसे ज्यादा लोकप्रिय त्यौहार है ओणम, सभी समुदायों के लोग इसे पूरे हर्षौल्लास के साथ मानते है कहा जाता है की यह त्यौहार राजा महाबली का स्वागत करने के लिये मनाया जाता है जिनकी आत्मा ओणम के समय एक बार केरल से कर्नाटक जाती है ऐसा लोगो का मानना है.

ओणम को चिंगम में मनाया जाता है जो की अगस्त और सितम्बर के महीने में पड़ता है और पूरे दस दिनों तक यह पर्व मनाया जाता है इस बीच लोक गीत, सुरुचिपूर्ण नृत्य, उर्जावान खेल, हाथी, नाव और फूलो को चिन्हित किया जाता है और वल्लमकली, आकर्षक सर्प और नाव की दौड़, कुमट्टी काली और पुलिकिका जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है.

14 – मध्य प्रदेश – दिवाली

दिवाली को मध्य प्रदेश में बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है वैसे ये कई राज्यों में मनाया जाता है पर यहाँ इसे कुछ अलग ही अंदाज़ में लोग मनाते है इस दिन पूरे घर को सजाते है और दीपक और लाइट जलाकर पूरे घर में उजाला करते है इससे एक दिन पहले धन तेरस नाम का त्यौहार मनाया जाता है जिसमे दुकाने पूरी रात खुली रहती है.

दिवाली के दिन घर में मिठाई बनायीं जाती है और आस पास उसका आदान प्रदान भी किया जाता है और रात में आतिशबाजी भी की जाती है, बैगा और गोंड जनजातियों के द्वारा दिवाली में अपने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किये जाते है.

15 – महाराष्ट्र – गणेश चतुर्थी

गणेशा चतुर्थी बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है जो की अगस्त और सितम्बर के महीने में पड़ता है, इस पर्व पर लोग गणेश जी की मूर्ति को अपने घरो मोहल्लो में रखते है और कहते है उनके घर गणेश भगवान अतिथि बनकर आये है इसके बाद उन्हें नदी या समुद्र में विसर्जित कर देते है.

7 से 10 दिन तक पूरे महाराष्ट्र में पंडाल लगे हुए रहते है और तरह तरह के कार्यक्रम होते है और हर तरफ बस गणपति बप्पा मोरया का नारा ही सुनाई देता है इस पर्व पर देश विदेश से लोग यहाँ देखने के लिये आते है.

16 – मणिपुर – योशंग

योशंग मणिपुर का बहुत ही माना जाने वाला त्यौहार है इसे 5 दिन तक मनाया जाता है और इसे फाल्गुन (फरवरी और मार्च) में पूर्णिमा के दिन से शुरुआत होती है, इस पर्व पर सबसे ज्यादा प्रचलित है थाबल चोंगबा नृत्य, मणिपुर लोक नृत्य जिसे लडके और लडकिया घेरे बनाकर नाचते और गाते है.

17 – मेघालय – नोंग्क्रेम नृत्य

नोंग्क्रेम नृत्य त्यौहार को मेघालय के पहाड़ी क्षेत्रो में 5 दिनों तक मनाया जाता है और इस पर्व पर देवी का बल्ली सिंशर के लिये मनाया जाता है जो एक समृद्ध बम्पर फसल और लोगो की समृद्धि के लिये होता है.

विदेशी कपडे पहने अविवाहित पुरुषों और महिलाओं द्वारा नृत्य किया जाता है जिसमे पुरुषों का नृत्य स्वाभाविक रूप से अधिक जोरदार और ऊर्जावान है. वे अपने दाहिने हाथ में एक तलवार रखते हैं और आमतौर पर एक सफेद याक बाल अपने बाएं हाथ में घुमाते हैं, ड्रम की बदलती धड़कन और तंगमुरी या पाइप खेलते हैं.

18 – मिजोरम – चपचरकुट

मिजोरम का सबसे बड़ा त्यौहार चपचर कुट झूम या स्थानांतरण की खेती के लिए पहाड़ी ढलानों को समाशोधन और तैयार करने का करने पर मनाया जाता है, यह पर्व युवा और बूढ़े द्वारा उत्साह और उत्साह के साथ मनाया जाता है.

इस दिन लोग रंगीन कपड़े और आभूषणों को धारण करते है और कई तरह के लोक नृत्य और लोक गीतों का आयोजन होता है इस दिन प्रदर्शनी आयोजित की जाती है जिसमे कई प्रकार के खेल और बिक्री भी जाती है.

19 – उत्तर प्रदेश – नवरात्रि

उत्तर प्रदेश में नवरात्रि सबसे पवित्र हिंदू त्यौहारों में से एक है जो बहुत अधिक धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाता है नवरात्रि नौ रातों के लिए मनाया जाता है, जिसके दौरान लोग देवी दुर्गा और उसके नौ रूपों की पूजा करते हैं ताकि वे आशीर्वाद प्राप्त कर सकें.

सांस्कृतिक गीत, नृत्य और नाटक के साथ खूबसूरती से सजाए गए पांडलों में माँ दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना करके देवी की विशेष पुजा भी आयोजित की जाती हैं त्यौहार के अंत में इन मूर्तियों को नदियों में डुबोया जाता है.

20 – नागालैंड – हार्नबिल

नागालैंड में एक सप्ताह का लंबा हॉर्नबिल फेस्टिवल उत्तर पूर्व में सबसे बड़ा सांस्कृतिक extravaganzas में से एक है और इसे हर साल दिसंबर 1-10 तरीख तक मनाया जाता है, यह नागा विरासत और परंपराओं की समृद्धि को पुनर्जीवित, संरक्षित, बनाए रखने और बढ़ावा देने का त्यौहार है.

सभी नागा जनजातियां अपने सांस्कृतिक और पारंपरिक एक हफ्ते के उत्सव के लिए मिलती हैं और अपनी पुरानी परंपराओं को प्रदर्शित करती हैं.

21 – ओडिशा – राजा परबा

राजा पारबा ओड़िसा में मनाया जाने वाला एक त्यौहार है जो की यहाँ की जीवित संस्कृति का प्रतीक है यह पर्व जून में 30 दिनों के लिये आयोजित होता है पहले दिन को राजा पाहिली और दुसरे दिन को राजा संक्रांति और तीसरे दिन को बसी राजा कहा जाता है.

इस पर्व में युवा पुरुष कबड्डी जैसे स्थानीय खेल खेलते है और गावों में अलग अलग समूहों द्वारा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है.

22 – पंजाब – लोहरी

लोहरी एक लोकप्रिय त्यौहार है जिसे हिन्दू और सिख धर्म के पंजाबी लोगो मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को मनाया जाता है लोहरी से एक सप्ताह पहले से बच्चे लकडिया इकठ्ठी करते है और लोहरी के दिन आग जलाकर इसे मनाया जाता है.

बच्चे सुबह उठकर एक दुसरे के घर जाकर लोहरी (पैसे और खाने) की मांग करते है यह मुख्य रूप से सूर्य देवता को समर्पित होता है.

23 – राजस्थान – गंगौर

राजस्थान में इस पर्व को होली के आस पास मनाया जाता है यह पर्व महिलाओ द्वारा माँ पार्वती के सम्मान में 18 दिनों के लिये मनाया जाता है इस पर्व के समय में युवाओ को अपने जीवन साथी को चुनने के लिये शुभ माना जाता है. त्यौहार के समय गौरी (माँ पार्वती का दूसरा नाम) और भगवान् शिव को बहार निकाला जाता है और आतिशबाजी भी की जाती है.

24 – सिक्किम – सगा दावा

सिक्किम में सागा दावा मुखौटा नृत्य के लिये प्रसिद्ध है यह पर्व में लोग विशेष रूप से बौद्ध मंदिरों में इकट्ठे होकर भगवान् को उचित सम्मान देते है और दीपक जलाकर इसका सुभारम्भ करते है और इस पर्व पर भजन और शास्त्रों को मंत्रो में बोलते है.

25 – तमिलनाडु – पोंगल

पोंगल तमिलनाडु का चार दिन का लम्बा फसल का त्यौहार है जो की जनवरी और फरवरी के महीने में आता है इसे कुछ इस तरह मानते है.

पोंगल का पहला दिन – भोगी त्यौहार भोगी मंटलू के अनुष्ठान के साथ मनाया जाता है जब घर के बेकार वस्तुओं को पारंपरिक रूप से गाय के गोबर और लकड़ी से बने बोनफायर में फेंक दिया जाता है, दूसरे दिन – थाई पोंगल, चावल और दूध को मिट्टी के बर्तन में एक साथ सूर्य देवता की पेशकश के रूप में उबलाया जाता है.

गन्ना, नारियल और केला भी पेश किए जाते हैं, तीसरा दिन – मट्टू पोंगल गायों को समर्पित है वे घंटी, मक्का, माला और पूजा के साथ सजाए जाते हैं, घर कोलम डिजाइन (चावल, रंगीन पाउडर, और फूल पंखुड़ियों से बने पारंपरिक पुष्प डिजाइन) के साथ शानदार दिखते हैं.

26 – तेलंगाना – बोनालू

बोनालू तेलंगाना में मनाया जाता है ये शब्द “भोजनालू” शब्द से लिया गया है जो त्यौहार में देवी को दिया जाता है लोगो का मानना है की इस दिन देवी माँ मात्रभूमि पर आती है तो लोग उनके लिये भोजनालू (भोजन) लाते है इस पर्व पर नृत्य भी होता है.

27 – त्रिपुरा – खारची पूजा

खारची पूजा त्रिपुरा के चौदह देवताओं की पूजा है और यह पर्व जुलाई-अगस्त महीने में मनाया जाता है, पूजा के दिन, चौदह देवताओं को सैयद नदी में ले जाया जाता है, पवित्र पानी में स्नान कराया जाता है और मंदिर वापस लाया जाता है.

लोग अलग-अलग प्रकार की पेशकश करते हैं, इसलिए प्रसाद जैसे बकरी, भैंस, फाउल्स, मिठाई इत्यादि आजकल कई सांस्कृतिक कार्यक्रम रात में किए जाते हैं और इस अवसर पर एक बड़ा मेला भी आयोजित किया जाता है.

28 – उत्तराखंड – गंगा दशहरा

जून के महीने में, उत्तराखंड के प्रमुख घाटों पर गंगा दशहरा मनाया जाता है, यह त्यौहार भक्ति और विश्वास का दिन है, बड़ी संख्या में लोग गंगा में पापों को शुद्ध करने के लिए स्नान करते हैं और रात भक्त नदी में आग, मिठाई और फूलों के साथ पत्ती की नौकाओं को प्रवाहित करते हैं, भारत के विभिन्न हिस्सों जैसे वाराणसी, हरिद्वार, मथुरा और इलाहाबाद में बड़े मेले भी आयोजित किए जाते हैं.

29 – पश्चिम बंगाल – दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा को पश्चिम बंगाल में दुर्गोत्सव के रूप में भी जाना जाता है और यहां बहुत अधिक धूमधाम से मनाया जाता है यह त्यौहार देवी दुर्गा की पूजा करके मनाया जाता है. यह बंगाल में सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है और लगभग हर कोने पर पूजा पांडलों के साथ बड़े पैमाने पर मनाया जाता है प्रत्येक इलाके में समुदाय पुजा भी आयोजित की जाती हैं.

तो दोस्तों ये थे All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार अगर आपको All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार पर लिखा गया यह लेख पसंद आया तो इस All State Festivals – सभी राज्यों के प्रसिद्ध त्यौहार पर लिखे गये इस लेख को अपने दोस्तों के साथ share करना भूले और आप हमें सोशल मीडिया पर फॉलो भी कर सकते हो.

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रजनीश मौर्या blog4help के डिजाईन, डेवेलपमेंट और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के विशेषज्ञ है, ये इस साईट के एडमिन भी है| इन्हें वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ करना और आर्टिकल लिखना बहुत ही पसंद है|

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